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आर्थिक स्वाबलंबन प्राप्त करने के संकल्प ने ही नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित ग्वालियर की नींव, ढांचा एवं साज - सज्जा तैयार की ।
बैंक परिचय

सहकारः कार्यसाधकः

परस्पर मिलकर कार्य करने से सफलता मिलती है। ‘‘एक सबके लिये सब एक के लिये‘‘ जैसे उदार विचार से ही सहकारिता का प्रारंभ एवं संगठन खड़ा होता है। इस विचारों एवं आचारों से आर्थिक स्वावलम्बन प्राप्त करने के संकल्प ने ही ‘‘नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित ग्वालियर‘‘ की नींव, ढांचा एवं साज सज्जा तैयार की। वर्ष 1978 में पंजीकृत नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित ग्वालियर ग्वालियर की प्रथम शहरी सहकारी बैंक ने निर्धारित अर्हताओं को पूर्ण करते हुये भारतीय रिजर्व बैंक से अनुज्ञा-पत्र प्राप्त कर 28 अप्रैल 1980 में बैंकिंग व्यवसाय प्रारम्भ किया। स्थापना की प्रथम साधारण सभा में ही 6 प्रतिशत लाभांश वितरण किया जो सभी सदस्यों के लिए आश्चर्य का विषय था। प्रदेश के नागरिक बैंकों में द्वितीय स्थान प्राप्त यह बैंक सफलता पूर्वक गत 35 वर्षो से चल रही है। इस बैंक के रजत जयन्ती समारोह में प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान एवं पूर्व सहकारिता मंत्री श्री गोपाल भार्गव आतिथ्य ग्रहण कर बैंक की प्रगति पर हर्ष एवं उन्नति के लिये शुभकामनायें व्यक्त कर चुके हैं।

व्यवसाय बढ़ता ही गया

शून्य से प्रारम्भ कर बैंक के व्यवसाय ने सदैव विकास पथ पर वर्ष-प्रतिवर्ष नये-नये कीर्तिमान स्थापित किये। 199 करोड़ रूपये से अधिक के डिपोजिट्स तथा कार्यशील पूंजी रू. 225.00 करोड़ वाली बैंक के पास 5.50 करोड़ रूपये अंशपूंजी, 19.00 करोड़ रू. स्वामीगत निधियाॅ, 79.00 करोड़ रू. ऋण एवं अग्रिम, 138.00 करोड़ रूपये नगदी एवं निवेश मौजूद है। बैंक के 9000 से अधिक सदस्यों एवं लगभग 51000 जमा खाताधारकों एवं लगभग 2700 ऋण खाताधारकों की सेवा में रत बैंक की महानगर में 6 शाखायें कार्यरत् है। तथा आगामी वर्षों में जिले के बाहर भी शाखायें खोलना प्रस्तावित है।

सहकारिता

यह लिखते हुये संतोष होता है कि बैंक ने लाभ प्रेरित होकर नहीं वरन् सहकारिता के आधार पर बैंकिंग कर सफलता प्राप्त की है। सहकारी सिद्धांतो के प्रति निष्ठा रखते हुये बैंक उनके प्रचार-प्रसार में लगी है एवं अनेक सहकारी संस्थाओं को सहयोग प्रदान कर रही है।

उच्चतम तकनीकि एवं सेवास्तर

ग्राहक सेवा का उच्चतम स्तर बनाये रखने में बैंक की सदैव रूचि रही है। फलतः 1999 से ही समस्त शाखाऐं कम्प्यूटरीकृत की गई तथा परस्पर जोड़ी गई है जिससे ग्राहक किसी भी शाखा से व्यवहार कर सकते हैं। बैंक में कोर बैंकिंग , एटीएम सेवाऐं प्रारंभ हो चुकी है। चाह है इन्टरनेट बैंकिंग, अकाउंट व्यू जैसी सुविधायें शीध्र ही प्रारंभ हो रही है।

लाभ ही लाभ

वर्ष 2014-2015 में बैंक को लाभ रू. 3.97 करोड़ हुआ है जिसपर आयकर भुगतान पश्चात शुध्द लाभ 2.79 करोड़ रू. है। इस बैंक ने अपनी स्थापना से ही लाभ में रहकर लाभांश बांटा है। साथ ही अंशधारियों के लिये हितकारी योजनायें भी चलाती है।

समाज सेवा भी

बैंक का मुख्य उद्देश्य तो आर्थिक स्वाबलम्बन प्राप्त करना है, किन्तु स्वास्थ्य शिक्षित व संस्कारित समाज रचना भी इसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

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